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स्टेप 1: इस ढांचे में बोलो
शादी का भाषण: ऐसे करो तो बन जाएगा
कोई भी रिश्ता हो, कोई भी टोन, 3-भाग वाला ढांचा काफ़ी है। कुल 2-3 मिनट काफ़ी। 5 मिनट से ज़्यादा हुआ तो मेहमानों का ध्यान भटकेगा। शादी के हीरो दूल्हा-दुल्हन हैं, भाषण देने वाले नहीं।

स्टेप 1: फ़ॉर्मैट तय करो
शादी के वचन: ऐसे लिखो तो बन जाएंगे
पहले तय करो कैसे पढ़ोगे, फिर लिखना आसान हो जाएगा। वचन में बस तीन चीज़ें चाहिए। इसी क्रम में लिखो तो natural लगेगा। दोनों की एक shared memory काफ़ी है। बड़ी बात होना ज़रूरी नहीं।

पुरोहित रखना है या नहीं तय करें
विवाह भाषण: ऐसे तैयार करें तो सही रहेगा
अगर पारंपरिक और आधुनिक के बीच असमंजस है, तो पारंपरिक रस्में सुबह और आधुनिक रिसेप्शन शाम को रखें। पुरोहित नहीं तो उस समय को कैसे भरें, यही मुख्य सवाल है। 2-3 को मिलाएँ तो बहुत स्वाभाविक लगता है।

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पहले तय करो कैसे पढ़ोगे, फिर लिखना आसान हो जाएगा। वचन में बस तीन चीज़ें चाहिए। इसी क्रम में लिखो तो natural लगेगा। दोनों की एक shared memory काफ़ी है। बड़ी बात होना ज़रूरी नहीं।

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अगर पारंपरिक और आधुनिक के बीच असमंजस है, तो पारंपरिक रस्में सुबह और आधुनिक रिसेप्शन शाम को रखें। पुरोहित नहीं तो उस समय को कैसे भरें, यही मुख्य सवाल है। 2-3 को मिलाएँ तो बहुत स्वाभाविक लगता है।

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